Urad Daal (Chilka)

शक्तिवर्धक – (1) उड़द में शक्तिवर्धक गुण होते हैं। उड़द किसी भी तरह किसी भी रूप में खायें, इनसे शक्ति बढ़ेगी। उड़द गरिष्ठ होते हैं, अत: अच्छी पाचनशक्ति वालों को ही खाने चाहिए। (2) रात को आधा छटांक उड़द की दाल भिगो दें। प्रात: इसे पीसकर दूध, मिश्री मिलाकर पियें। इसे अच्छी पाचनशक्ति वाले ही सेवन करें। छिलके सहित उड़द की दाल खाने से शरीर मजबूत बनता है। उड़द की दाल में हींग का छौंक देने से इसके गुणों में और भी वृद्धि होती है। (3) भीगी हुई उड़द की दाल को पीसकर एक चम्मच देशी घी, आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटें। ऊपर से मिश्री मिला हुआ दूध पियें। लगातार सेवन करते रहने से पुरुष घोड़े की तरह बलवान हो जायेंगे।

उड़द दाल के लाभकारी गुण ;;
उरद या उड़द एक दलहन होता है। उड़द दाल सफेद और काली होती है और यह साउथ एशिया में सबसे ज्‍यादा पैदा होती है। उड़द की दाल एक अत्यंत बलवर्द्धक, पौष्टिक व सभी दालों में पोषक होती है। इसकी छिलके वाली दाल ज्यादा पौष्टिक होती है। कमजोर पाचन वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। उड़द का प्रयोग तमाम व्‍यंजन बनाने के काम आता है जैसे, डोसा, पापड़, वड़ा, लड्डू और दाल आदि।
जिन लोगों की पाचन शक्ति प्रबल होती है, वे यदि इसका सेवन करें, तो उनके शरीर में रक्त, मांस, मज्जा की वृद्धि होती है। उड़द की दाल में प्रोटीन, विटामिन बी थायमीन, राइबोफ्लेविन और नियासिन, विटामिन सी, आयरन, कैल्‍शियम, घुलनशील रेशा और स्‍टार्च पाया जाता है। उड़द वीर्य वर्द्धक, हृदय को हितकारी है। यह वात, अर्श का नाश करती है। यह स्निग्ध, विपाक में मधुर, बलवर्द्धक और रुचिकारी होती है। उड़द की दाल अन्य प्रकार की दालों में अधिक बल देने वाली व पोषक होती है। धुली हुई दाल प्रायः पेट में आफरा कर देती है। छिलकों वाली दाल में यह दुर्गुण नहीं होता। गरम मसालों सहित छिलके वाली दाल ज्यादा गुणकारी होती है।

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